उद्घाटन से पहले ही धंस गई 26 करोड़ की लागत से तैयार इटाढ़ी आरओबी

बीआर दर्शन | बक्सर
जिले के बहुप्रतीक्षित इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। एक बार फिर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार यह ओवरब्रिज अभी एक माह भी पूरा नहीं कर पाया था कि शुक्रवार सुबह इसके पहुंच मार्ग (एप्रोच रोड) पर 14 नंबर पिलर के समीप सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पुल धंसने के बाद निर्माण कंपनी से लेकर विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और निर्माण कार्य में भारी अनियमितता तथा भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस परियोजना का शुभारंभ किया गया, वह इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त कैसे हो गई? लोगों का आरोप है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ होता तो पुल के आरंभ होने के कुछ ही दिनों बाद ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। लगभग 26 करोड़ रुपए की लागत से आरओबी का निर्माण कार्य हुआ था।

श्रेय लेने वालों की चुप्पी पर भी उठे सवाल :
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिले में जब भी कोई बड़ी परियोजना पूरी होती है तो उसके उद्घाटन और श्रेय लेने के लिए नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच होड़ मच जाती है। सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक उपलब्धियों का प्रचार किया जाता है। लेकिन जब उसी परियोजना में खामियां सामने आती हैं तो जिम्मेदारी लेने के बजाय सभी चुप्पी साध लेते हैं। लोगों का सवाल है कि आखिर अब इस मामले पर जनप्रतिनिधि क्या कहेंगे? क्या वे निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग से जवाब मांगेंगे या फिर इस मामले को भी अन्य घटनाओं की तरह भुला दिया जाएगा।

आनन – फानन में खोला गया रेलवे गुमटी :
आरओबी निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उसे परिचालन के लिए खोल दिया गया। परिचालन शुरू होते ही रेलवे द्वारा इटाढ़ी रेलवे फाटक को बंद कर दिया गया था। आरओबी के क्षतिग्रस्त होने के बाद आनन-फानन में रेलवे फाटक को खोलना शुरू कर दिया गया।





