पॉक्सो केस में लापरवाही बरतना महिला दारोगा को पड़ी भारी, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

बीआर दर्शन | बक्सर
इटाढ़ी थाना के तीन पॉक्सो मामलों में समय पर चार्जशीट और अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत नहीं करने पर पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश सह जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-6 अमित कुमार शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने अनुसंधानकर्ता दारोगा गुड्डी कुमारी पर तीनों मामलों में एक-एक हजार रुपये का सांकेतिक स्थगन शुल्क लगाया है।

कोर्ट ने आदेश दिया है कि यह राशि आईओ के वेतन से वसूल कर 15 दिनों के भीतर स्थानीय व्यवहार न्यायालय के नजारत में जमा कराई जाए। इसकी जिम्मेदारी एसपी को सौंपी गई है। न्यायालय ने कहा कि तीनों मामलों में जांच पूरी होने के बाद भी चार्जशीट अथवा अंतिम रिपोर्ट एक वर्ष से अधिक समय तक बिना किसी औचित्य के लंबित रखी गई।


कोर्ट ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि कानून के अनुसार जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत की जानी चाहिए, लेकिन अनुसंधानकर्ता ने विलंब का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। कोर्ट ने बीएनएसएस की धारा 346 तथा पटना हाईकोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि लापरवाह अधिकारियों पर आर्थिक दंड लगाया जा सकता है और उसकी वसूली उनके वेतन से की जा सकती है। विशेष लोक अभियोजक ने भी तीनों मामलों में देरी के आधार पर अंतिम रिपोर्ट और चार्जशीट पर आपत्ति दर्ज कराई थी। कोर्ट ने अनुसंधानकर्ता के आचरण को विधिक प्रक्रिया की अवहेलना बताते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की है। साथ ही आदेश की प्रति एसपी, बक्सर को भेजने का निर्देश दिया गया है।





