व्यवहार न्यायालय में सेवानिवृत्त कर्मी को समारोह पूर्वक दी गई विदाई

बीआर दर्शन | बक्सर
व्यवहार न्यायालय के सिरिस्तेदार अजय कुमार सिंह के सेवानिवृति के मौके पर विदाई सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सेवानिवृत्त कर्मचारी को अंगवस्त्र और धार्मिक पुस्तकें देकर सम्मानित किया गया।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झांब ने कही कि किसी सरकारी सेवक का सेवानिवृति उसके जीवन का दूसरे अध्याय की शुरुआत है। सेवानिवृति जीवन की एक मात्र तिथि है और उसके बाद भी न्यायालय के कर्मचारी के जीवन का दूसरे सफल अध्याय कि शुरुआत होती हैं। उन्होंने कहा कि अजय सिंह न्यायालय के कर्मचारियों को मार्गदर्शन करते रहेंगे।

प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार ने कहा कि सिंह ने न्यायालय की सेवा का पताका लहरा चुके है। कुशल अधिवक्ता कृष्ण कुमार सिंह के पुत्र होकर पिता की विरासत को आगे बढ़ाए वहीं उनकी पुत्री माननीय सर्वोच्च न्यायालय की सेवा में आकर उनका मान बढ़ा दी।

वहीं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अनुपमा सिंह ने कही कि सिंह अधीनस्थ कर्मचारियों को सम्मान देते हैं जो एक गौरव की बात है। न्यायालय के कर्मचारियों की ओर से शैलेश ओझा ने कहा कि उनके सेवानिवृत्त होने से न्यायालय परिवार को एक कुशल मार्गदर्शक की कमी महसूस होगी।

विदाई समारोह में भाव विह्वल हुए सिरिस्तेदार सिंह ने कहा कि न्यायालय की सेवा उच्च कोटि की गौरवशाली सेवा है। उन्होंने कर्मचारियों से न्यायालय की सेवा को भगवान की सेवा जैसा करने की सलाह दी। उन्होंने ने कहा कि व्यवहार न्यायालय में गरीब पीड़ित और न्याय की आस में आए किसी लाचार की न्याय की इस ड्योढ़ी पर पहली भेंट पेशकार से होती है और उसके व्यवहार से ही न्यायालय की साख और गरिमा तय होती है। इसलिए कर्मचारियों को सचेत और संवेदनशील रहना चाहिए। आयोजित सम्मान समारोह में कर्मचारियों की ओर से राकेश कुमार अखौरी ने कहा कि सिंह ने 30 साल न्यायालय की सेवा की है। न्यायाधीश उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सिंह से बड़ी गरिमा एवं शिद्दत से न्यायालय की सेवा की है जो अन्य कर्मचारियों के लिए मिसाल है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देवेश कुमार सम्मान समारोह में संतोष दुबे , राजीव कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार, धनंजय तिवारी , मृत्युंजय सुनील कुमार चक्रवर्ती, धनंजय कुमार, नीरज, मनोज कुमार शर्मा, देवकांत पासवान, अरशद युसूफ, अमरेन्द्र भारती, केदार पाण्डेय, अंकित कुमार,राहुल चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे।




