जमीन विवाद में दो पक्षों के जमकर चले लाठी-डंडे, एक की मौत, दो जख्मी

बीआर दर्शन | बक्सर
इटाढ़ी थाना क्षेत्र के कुकुढ़ा पंचायत के चिलबिला गांव में डेढ़ बीघा जमीन को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। मारपीट गुरुवार की सुबह करीब नौ बजे की बताई जा रही है। धान की रोपनी के दौरान शुरू हुए विवाद में कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच सुभाष सिंह (55) की कथित रूप से लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि उनके दो पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान सरपंच की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सदर अस्पताल के मुख्य गेट के सामने शव रखकर बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मिली जानकारी के अनुसार चिलबिला गांव स्थित डेढ़ बीघा जमीन को लेकर सरपंच सुभाष सिंह और उनके पट्टीदारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे धान की रोपनी के लिए सुभाष सिंह ट्रैक्टर लेकर खेत पहुंचे। इसी दौरान गांव के ही तेज बहादुर सिंह, पिता रामबचन सिंह, विनोद सिंह, पिता भोला सिंह तथा अन्य लोगों के साथ विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।

परिजनों का आरोप है कि तेज बहादुर सिंह, विनोद सिंह समेत 15 से 20 लोगों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। पिता पर हमला होता देख उनके पुत्र अखिलेश सिंह (26) और विंटेस सिंह (23) भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें भी मारपीट का शिकार होना पड़ा। तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही इटाढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल बक्सर भेजा।इलाज के क्रम में सरपंच सुभाष सिंह की मौत हो गई, जबकि दोनों पुत्रों का इलाज जारी है। सरपंच की मौत की खबर फैलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। दोपहर करीब 3 बजे 30 से 35 की संख्या में लोग सदर अस्पताल के मुख्य गेट के सामने शव रखकर सड़क पर बैठ गए और बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. सड़क जाम के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला आपसी बंटवारे और जमीन के विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है तथा सभी आरोपितों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।




