सेवा में त्रुटि पर उपभोक्ता आयोग ने एचडीएफसी को लगाया 25 हज़ार का जुर्माना

बीआर दर्शन | बक्सर
जिला उपभोक्ता आयोग ने एचडीएफसी की सेवा में घोर त्रुटि पाने पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है। मामला परिवाद पत्र संख्या 3/ 2022 से संबंधित है। दो माह के अंदर जुर्माना नहीं देने पर 8 प्रतिशत ब्याज के साथ राशि देनी होगी।

परिवादी के अधिवक्ता डॉ. विष्णुदत्त द्विवेदी ने बताया कि जिले के ब्रह्मपुर के रहने वाले दिलीप कुमार पिता स्वर्गीय शंभू प्रसाद ने एचडीएफसी से दोपहिया वाहन होंडा एक्टिवा 5G की खरीदारी के लिए 60,839/ रुपए का ऋण प्राप्त किया था। एग्रीमेंट के अनुसार परिवादी को प्रत्येक माह 5779/ रुपए का भुगतान करना था। वर्ष 2021 तक परिवादी ने कुल 52,011/ रुपए की राशि जमा कर दिए जिसमें लगभग 8 हजार रुपए बकाया रह गया था। तभी मोबाइल पर मैसेज आया कि बैंक द्वारा ऋण खाते को पुनः निर्धारित करते हुए 1457/ रुपए प्रतिमाह की दर से आगामी 2 वर्षों के लिए दोबारा लागू कर दिया गया था। परिवादी इसे देखकर काफी आश्चर्यचकित हुआ क्योंकि बिना उसकी जानकारी के पुराने खाते का निर्धारण किया गया था तथा इस तरह उसे 20 हज़ार से अधिक की राशि जमा राशि का भुगतान करना पड़ रहा था।


परिवादी ने उक्त मामले को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद पत्र दाखिल किया था जहां सुनवाई में विपक्षी की सेवा में त्रुटि पाते हुए न्यायाधीश वेद प्रकाश सिंह एवं सदस्य राजीव सिंह की खंडपीठ ने विपक्षी को 25 हज़ार की क्षतिपूर्ति देने का आदेश सुनाया है। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि 2 माह के भीतर अगर उक्त राशि का भुगतान नहीं किया गया तो विपक्षियों को 8% ब्याज के साथ राशि देने होंगे।





