त्रिमुहानी घाट बनता जा रहा है जानलेवा, फिर डूबा एक युवक, बरतें सावधानी

बीआर दर्शन | बक्सर
शहर के सेंट्रल जेल के समीप ठोरा गंगा संगम त्रिमुहानी घाट अब जानलेवा बनता जा रहा है। 36 घंटे के अंदर एक और युवक के डुबने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है।

सेंट्रल जेल के ठोरा और गंगा नदी संगम के समीप बना रेत का प्राकृतिक दृश्य इन दिनों सोशल मीडिया पर “गोवा बीच” के नाम से तेजी से वायरल हो रहा है। लेकिन यह खूबसूरत दिखने वाला इलाका अब धीरे-धीरे युवाओं के लिए “मौत का कुंआ” साबित होता जा रहा है।

हर दिन सुबह से शाम तक यहां जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कोई परिवार के साथ पिकनिक मनाने आ रहा है, तो कहीं युवाओं की टोली रील और फोटोशूट बनाने में जुटी दिख रही है। शाम ढलते ही माहौल और भी भीड़भाड़ वाला हो जाता है।

सोमवार 11 मई को राजपुर थाना क्षेत्र के हेठुआ गांव निवासी सुरेंद्र कुमार के 18 वर्षीय पुत्र अनूप कुमार की गंगा में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अनूप बक्सर में रहकर पढ़ाई करता था और दोस्तों के साथ घूमने एवं मस्ती करने ठोरा गंगा संगम पहुंचा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।

इससे पहले शनिवार को नगर थाना क्षेत्र के कोइरपुरवा निवासी एक किशोर की भी इसी जगह डूबने से मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा के इस हिस्से में कई जगह अचानक गहराई है। ऊपर से शांत और सामान्य दिखने वाला पानी अंदर से बेहद खतरनाक है। रेत धंसने और तेज बहाव के कारण कई लोग संभल नहीं पाते।

इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों के कारण बड़ी संख्या में युवा यहां पहुंच रहे हैं। कई युवक-युवतियां गंगा किनारे रील बनाने, फोटोशूट करने और पानी में उतरकर वीडियो रिकॉर्ड करने में लगे रहते हैं। लेकिन थोड़ी सी लापरवाही सीधे मौत में बदल रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। न तो चेतावनी बोर्ड लगे हैं।



