बक्सर, रोहतास और आरा में साइबर अपराधी गिरफ्तार, दो नाबालिग निरुद्ध, 20 लाख की कर चुके हैं ठगी

बक्सर | बक्सर
क्यूआर कोड के जरिए ठगी के पैसे का लेन-देन करने वाले युवक को बक्सर साइडर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ एक नाबालिग को भी पुलिस ने निरुद्ध किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी, पासबुक, चिप और दो एटीएम कार्ड समेत कई सामान बरामद किए हैं। पूछताछ में करीब 20 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

पुलिस अधीक्षक सह साइबर थाना प्रभारी समीर कुमार सिंह ने बताया कि एक साइबर कैफे संचालक ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसके साथ करीब 80 हजार रुपये का साइबर फ्रॉड किया गया है। साथ ही संचालक ने बताया कि फ्रॉड करने वाला युवक दोबारा अगले दिन उसके कैफे पर आने वाला है। सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इटाढ़ी निवासी 30 वर्षीय चंदन कुमार, पिता धनराज वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार चंदन कुमार की निशानदेही पर एक नाबालिग लड़के को भी पकड़ा गया। चंदन के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। वहीं नाबालिग के पास से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन और 39 हजार 10 रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा एक पासबुक, एक चिप और दो एटीएम कार्ड भी पुलिस ने बरामद किए हैं।

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अलग-अलग टेलीग्राम समूहों से जुड़े हुए थे। इन समूहों के माध्यम से उन्हें अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी दी जाती थी और उन खातों में पैसे भेजने का काम कराया जाता था। आरोपी विभिन्न दुकानों पर जाकर दुकानदारों से क्यूआर कोड हासिल करते थे। इसके बाद साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम इन क्यूआर कोड के माध्यम से दुकानदारों के खातों में मंगाई जाती थी।

पुलिस के मुताबिक, रकम आने के बाद आरोपी दुकानदारों को उसके बदले नकद राशि लेते थे। इसके बाद नकद रकम को टेलीग्राम समूह के माध्यम से मिले बैंक खातों में जमा कराया जाता था। इस पूरे लेन-देन के बदले आरोपियों को करीब 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी केवल बक्सर जिले तक सीमित नहीं थे। वे रोहतास और आरा में भी जाकर इसी तरह साइबर फ्रॉड से जुड़े पैसों का लेन-देन करते थे। आरोपियों ने पूछताछ में करीब 20 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड में शामिल होने की जानकारी दी है।




