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अमेरिका-ईरान युद्ध में 30 दिनों से फंसा बक्सर का शनि, सरकार से परिजन लगा रहे गुहार

 

बीआर दर्शन | बक्सर

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच बक्सर जिले के एक युवक के समुद्री जहाज पर फंसे होने की खबर से परिवार में चिंता का माहौल है। नगर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 23 स्थित सोहनिपट्टी के कुम्हार टोली निवासी 29 वर्षीय शनि कुमार पिछले कई हफ्तों से ईरान के समुद्री क्षेत्र में अपने जहाज पर फंसे हुए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनि कुमार मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं। वह 03 जून 2025 को मुंबई एयरपोर्ट से दुबई रवाना होकर अपनी नौकरी ज्वाइन किए थे। दुबई से उन्हें चार पहिया वाहनों को समुद्री मार्ग से ईरान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मिली थी। इसी दौरान मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके कारण उनका जहाज पिछले एक माह से अधिक समय से समुद्र में रुका हुआ है।

परिजनों के मुताबिक, जहाज पर मौजूद कर्मचारियों की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। शनि कुमार के पिता 66 वर्षीय शिवजी प्रसाद ने बताया कि बेटे से नियमित संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले बहू विनीता देवी से शनि की बातचीत हुई थी, जिसमें उसने जहाज पर खाने-पीने की कमी की बात कही थी।

शिवजी प्रसाद ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि उनके बेटे को सुरक्षित स्वदेश वापस लाने के लिए जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने बताया कि शनि कुमार की माता आरती देवी का वर्ष 2024 में निधन हो चुका है। वर्ष 2023 में उनकी शादी विनीता देवी से हुई थी और उनका दो वर्षीय पुत्र सात्विक है।

वर्तमान में शनि कुमार की पत्नी और पुत्र प्रयागराज हवाई अड्डे के समीप झपिया, लाल बिहरा में रह रहे हैं, जबकि अन्य परिजन बक्सर स्थित पैतृक गांव में निवास करते हैं। परिवार में उनकी बड़ी बहन पूनम कुमारी और छोटी बहन ज्योति कुमारी भी हैं। शनि कुमार के चाचा शशि कुमार, जो पूर्व सैनिक हैं, उन्होंने भी केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि पूरा परिवार काफी चिंतित है और जल्द से जल्द शनि की सुरक्षित वापसी चाहता है।

बताया जा रहा है कि युद्ध के कारण समुद्री मार्ग बाधित होने से शनि कुमार समेत कई अन्य भारतीय नाविक भी समुद्र में फंसे हुए हैं। परिजनों ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि जल्द हस्तक्षेप कर सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए।

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