पुस्तकालय भवन में घनश्याम मिश्र की पुण्यतिथि मनाई गई, किए गए याद

बीआर दर्शन | बक्सर
जिला अधिवक्ता संघ के तत्वधान में शनिवार को पुस्तकालय भवन में वरिष्ठ अधिवक्ता स्व घनश्याम मिश्र पुण्यतिथि पर उनके अनुकरणीय कार्यों के लिए याद किया गया आजीवन न्याय के पक्षधर रहे एवं मिश्र ने भोजपुरी साहित्य के लिए अद्वितीय योगदान प्रदान किये है।


जननायक कर्पूरी ठाकुर ला कॉलेज के आध्यापक के तौर पर सेवा प्रदान किया। मिश्रा जी के जीवनी से लोगों को अच्छा मार्गदर्शन मिल सकता है। वे अपने जीवन काल में कठिन परिश्रम और लगन के चलते इतिहास के पन्नों पर अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाए हैं। आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन से मार्गदर्शन लेते हुए अनुसरण करना चाहिए। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार शुक्ला ने कहा कि लोगों को परिश्रम से नहीं घबराना चाहिए क्योंकि जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए इसका दूसरा कोई विकल्प नहीं है। मंच संचालन वरीय अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने किया, वही स्वर्गीय मिश्रा के पुत्र अधिवक्ता संजय कुमार मिश्रा ने उनके द्वारा रचित भागवत गीता का भोजपुरी रूपांतरण का सस्वर पाठ कर भाव बताते हुए कहा कि व्यक्ति को दुख में घबराने और सुख में अति उत्साहित होकर ज्यादा उल्लास नहीं करना चाहिए। हरदम समभाव रखते हुए क्रोध, चिंता और भय पर नियंत्रण रखना चाहिए।

संघ के अध्यक्ष बबन ओझा, महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडेय ने सभा को संबोधित किया। डॉ कन्हैया मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर न्यायाधीश मनोज कुमार, सुदेश कुमार श्रीवास्तव, देवराज, कमल कुमार, मानस कुमार, अनुपमा सिंह, नेहा श्रिपाठी, भोला सिंह अधिवक्ता कृपा राय, सरोज उपाध्याय, रामनाथ ठाकुर, मथुरा चौबे, गणेश ठाकुर, पूर्णेन्दु दुबे, मनीष पांडेय, ममता मिश्र, शेषनाथ सिंह, रविंद्र कुमार सिन्हा, विष्णु द्विवेदी, चन्दन कत्यान , रामाकांत तिवारी , ब्रजेश त्रिपाठी समेत अन्य थे।




