सामूहिक दुष्कर्म के पांच दोषियों को उम्रकैद, पीड़िता को 15 लाख मुआवजा

बीआर दर्शन | बक्सर
व्यवहार न्यायालय को विशेष पाक्सो कोर्ट ने नाबालिग लड़की के अपहरण, अवैध हिरासत और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पांच दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अदालत ने बिहार पीड़ित मुआवजा योजना-2019 के तहत 15 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया, जो तीन वर्षों के लिए सावधि जमा में रखा जाएगा। पीड़िता मासिक ब्याज निकाल सकेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) को 30 दिनों में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश छह सह विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) अमित कुमार शर्मा ने यह फैसला पाक्सो वाद में सुनाया। वाद इटाढ़ी थाना कांड से जुड़ा है। मामला 19 दिसंबर 2023 का है, जब लगभग 15 वर्षीय पीड़िता घर से नदी की ओर गई और लापता हो गई। उसकी मां ने 22 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई कि बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा किया गया है। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपित जो कि नाबालिग था, उसने शादी का झांसा देकर पीड़िता को अपने मामा के गांव ले जाकर दुष्कर्म किया, फिर उसने किशोरी को शिव विलास राम के किराए के कमरे में भेज दिया। वहां शिव बिलास राम उर्फ टेलर मास्टर, राहुल कुमार, विनय कुमार उर्फ बिल्लई, गोविंद सिंह उर्फ शंकर जी और रौशन कुमार सिंह ने तीन दिनों तक बंधक बनाकर किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया। अदालत ने पाक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत भी सजा दी।





