CRIME

रसेन हत्याकांड में पिता – पुत्र समेत दो गिरफ्तार, अन्य फरार, दहशत का माहौल 

 

बीआर दर्शन | बक्सर 

राजपुर थाना क्षेत्र के रसेन गांव में सोमवार की शाम हुई हत्याकांड में जख्मी विजय शंकर चौबे के बयान पर पुलिस ने अहियापुर गांव के सात लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर में अजीत यादव, गुड्डू यादव दोनों पिता वीरेंद्र सिंह, सोनू यादव, मोनू यादव दोनों पिता शिव शंकर सिंह, श्री यादव, अमित यादव एवं सिकंदर यादव के साथ कई अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोनू यादव एवं उनके पिता श्री उर्फ शिव शंकर यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।थानाध्यक्ष निवास कुमार ने बताया कि पीड़ित के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई है। अन्य लोगों के बारे में जांच पड़ताल की जा रही है। घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची एसएफएल टीम ने सात एमएम पिस्टल के आठ खोखा एवं दो मिस कारतूस बरामद किया है। जिसकी जांच की जा रही है।

अहियापुर गोलीकांड के पीड़ित परिजनों पर लगा आरोप: 

राजपुर थाना क्षेत्र के अहियापुर गांव में बालू गिट्टी रखने के विवाद में विगत 24 मई 2025 को हुए दिल दहला देने वाली ट्रिपल हत्याकांड में अजीत के पिता वीरेंद्र सिंह, चाचा विनोद सिंह एवं सुनील सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। जिसमें उनके ही परिवार के दो अन्य लोग घायल हो गए थे। जिसमें एक व्यक्ति का इलाज के दौरान पैर काट दिया गया है। जबकि एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से अभी भी अपाहिज की तरह जिंदगी जी रहे हैं। जिस मामले में अजीत ने 19 नामजद तीन अज्ञात के खिलाफ राजपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराया था। जिसमें इस घटना के मुख्य आरोपी पूर्व जिला पार्षद अध्यक्ष सविता देवी के पति मनोज यादव एवं पूर्व जिप उपाध्यक्ष संतोष यादव एवं बटेश्वर यादव थे। तब पुलिस ने कुछ आरोपितों को जेल भेजा था वहीं कई ने कोर्ट में समर्पण कर दिया था।

रसेन हत्याकांड के आरोपी अजीत ने सीबीआई जांच की उठाई मांग:  

इस घटना के बाद नाम आने के बाद अजीत ने एक वीडियो के माध्यम से बयान जारी कर पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले कई महीनो से केस को मैनेज करने के लिए धमकी दी जा रही है। तिहरे हत्याकांड के बाद से परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इन्होंने बताया कि आगामी 23 दिसंबर को कोर्ट में चार्ज सीट और गवाही की तारीख नजदीक आते ही धमकियां तेज हो गई है। हालांकि इसके सुरक्षा के लिए सरकारी सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है। बावजूद इस घटना के बाद इसका नाम आना चर्चा बन गया है। यह केस को कमजोर करने की चाल है।

क्षेत्र में भय व दहशत का माहौल :

इस घटना के बाद गांव सहित आसपास के गांव में भी भय एवं दहशत का माहौल बना हुआ है. ग्रामीणों ने दबे जुबान से बताया कि यह ऐसा पेंचीदा मामला है। जिसकी गुत्थी सुलझने के बजाय उलझती जा रही है। लोगों को इंतजार है कि आखिर कब अहियापुर पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा और शांति कायम होगा। इसके लिए पुलिस भले ही वहां पर परिवार के लिए सुरक्षा व्यवस्था दी है। लेकिन अभी भी परिवार भय एवं डर के माहौल में जी रहा है।

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