ट्रैफिक इंस्पेक्टर के खिलाफ उत्पाद कोर्ट में परिवाद दर्ज, दुर्व्यवहार का आरोप

बीआर दर्शन | बक्सर
व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित उत्पाद कोर्ट में ट्रैफिक इंचार्ज संजय कुमार पर सड़क पर वाहन चलाने के नाम पर अवैध वसूली, घूस की मांग तथा हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए परिवाद दर्ज कराई गई है। इस संबंध में कृतपुरा निवासी अधिवक्ता पवन कुमार राय द्वारा उत्पाद न्यायालय, कोर्ट संख्या-1 में मुकदमा दर्ज कराया गया है।


मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता पवन कुमार राय ने बताया कि 24 दिसंबर को दिन के करीब एक बजे सिंडिकेट मोड़ के पास यातायात निरीक्षक संजय कुमार एवं दो-तीन अज्ञात पुलिसकर्मी वाहनों को बार-बार रोककर विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित करते हुए अवैध वसूली कर रहे थे। ट्रैफिक इंस्पेक्टर द्वारा रोके जाने पर उनके ट्रैक्टर चालक द्वारा सूचना दिए जाने पर वे अपना न्यायालयीन कार्य छोड़कर अधिवक्ता राघव पांडेय, अपने भाई राघवेंद्र राय एवं मदन राय के साथ मौके पर पहुंचे। अधिवक्ता पवन कुमार राय का आरोप है कि मौके पर मौजूद ट्रैफिक इंस्पेक्टर संजय कुमार ने खुलेआम प्रतिमाह ₹50,000 अवैध राशि देने की मांग की और कहा कि “अगर सड़क पर गाड़ी चलानी है तो घूस देना ही पड़ेगा।” जब इस अवैध मांग को लेकर सवाल किया गया तो निरीक्षक के मुंह से शराब पीने की दुर्गंध आ रही थी।

पीड़ित अधिवक्ता के अनुसार, नशे की हालत में संजय कुमार ने न केवल भद्दी-भद्दी गालियां दीं बल्कि यह धमकी भी दी कि तुम वकील हो तो क्या, एससी-एसटी का केस कर पूरा प्रैक्टिस बर्बाद कर दूंगा। आरोप है कि इसके बाद संजय कुमार ने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर अधिवक्ता पवन कुमार राय, अधिवक्ता राघव पांडेय, राघवेंद्र राय एवं मदन राय के साथ हाथापाई की और जान से मरवाने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं और आम लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले को लेकर न्यायालय में परिवाद दर्ज होने के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, न्यायालय में मामला विचाराधीन है।




